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महाराष्ट्र में रेल हादसा ! 16 की मौत ! Maharastra train acsident

Maharastra train acsident
Maharastra train acsident


 महाराष्ट्र के औरंगाबाद केपास रेलवेट्रैक पर16 प्रवासी मजदूरोंकी मालगाड़ी की चपेटमें आने से मौत हो गई।सभी मजदूरमध्यप्रदेश जा रहे थे। हादसाऔरंगाबाद में करमाड स्टेशन के पासहुआ। घटना उस वक्तहुई, जब मजदूर रेलवे ट्रैक पर सो रहे थे। 5 घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी घटना पर दुख जताया है। मध्य प्रदेशऔर महाराष्ट्र सरकार नेमृतकों के परिजन को 5-5 लाख रु. की सहायता देने का ऐलान किया है।

हादसे के बाद स्थानीय लोगमदद के लिए आ गए।
रेल मंत्रालय ने बताया किघटना बदनापुर और करनाड स्टेशन के बीच की है। यह इलाकारेलवे के परभणी-मनमाड़ सेक्शन में आता है।शुक्रवारतड़के मजदूर रेलवे ट्रैक पर सो रहे थे। मालगाड़ी के ड्राइवर ने उन्हें देखलिया था, बचाने की कोशिश भी की, पर हादसा हो गया। मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं।



ट्रेन पकड़ने की आस में निकले थेमजदूर
मजदूर जालना की एसआरजेस्टीलफैक्ट्री में काम करते थे। औरंगाबाद से गुरुवार को मध्यप्रदेशके कुछ जिलों केलिए ट्रेनरवाना हुई थी। इसी वजह से जालना से ये मजदूर औरंगाबाद के लिए रवानाहुए। रेलवे ट्रैकके बगल में 40 किमी चलने के बाद वे करमाड के करीब थककरपटरीपर ही सो गए। औरंगाबाद ग्रामीण एसपीमोक्षदा पाटिल ने बताया,‘‘हादसे में 14 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई। बाद में 2 और ने दम तोड़ दिया। एककी हालत गंभीर है। बचे 4अन्य लोगों से बातचीत की जारही है।’’ मजदूर मध्य प्रदेश के शहडोल औरउमरिया के बताए जा रहे हैं।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नेहादसे पर दुख जतायाहै। लिखाकि रेल मंत्री पीयूष गोयल से बात की। स्थितिपर नजर रखी जा रही है। हरसंभव सहायतामुहैया कराई जाएगी।



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 तो दोस्तो आज मे हम आपके इन्हीं सवालों के जवाब इस पोस्ट में दूंगा 


मंदोदरी कोन थी :- पुरानी कथाओं के अनुसार बताते है की मंदोदरी एक मेंढकी थी एक समय बात है ! 

सप्तऋषि खीर बना रहे थे उस खीर में एक सर्प गिर गया ये सब मंदोदरी ने देख लिया


 ऋषियों ने नहीं देखा तो मंदोदरी जो कि एक मेंढकी थी वो ऋषियों के देखते देखते उनके खाने से पहले उनकी खीर बना रहे पात्र में गिर गई 


ऋषियों ने ये सब देख लिया तो अब जिस भोजन में अगर मेंढक गिर जाए उसे कोन खाए 


इसलिए उन्होंने उस खीर को फेक दिया जैसे ही उन्होंने खीर को फैका उसमे से मेंढकी के साथ एक सर्प भी निकला 


ऋषियों ने समझ लिया कि इस मेंढकी  ने हमे बचाने के लिए अपने प्राण त्याग दिए उन्होंने मंदोदरी को वापस जीवन दान दिया और एक कन्या का रूप दिया तब से कहा जाता हैं की मंदोदरी सप्तऋषियों की संतान थी


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अगर आपके मन में भी ये सवाल जागा है तो आप सही जगह आ गए हैं में इस पोस्ट हम आज आपके इसी सवाल का जवाब देने की कोशिश करेंगे 

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