Skip to main content

युधिष्ठिर को धर्म राज क्यो कहा जाता हैं ?

Yudhisthir ko dharma raaj kyo kaha jata ha
Yudhisthir ko dharma raaj kyo kaha jata ha

नमस्कार दोस्तों आज के इस पोस्ट में हम बात करेंगे कि युधिष्ठिर को धर्म राज क्यो कहा जाता हैं क्या इसमें कुछ रहस्य है अगर है तो वो क्या है जिससे कि युधिष्ठिर को धर्म राज की उपाधि मिली 

अगर आपके मन में भी ये सवाल जागा है तो आप सही जगह आ गए हैं में इस पोस्ट हम आज आपके इसी सवाल का जवाब देने की कोशिश करेंगे 


दोस्तो युधिष्ठर की धर्मराज उपाधि की कहानी को समझने से पहले हमें यमराज की छोटी सी कहानी को समझना जरूरी है पर आप घबराइए नहीं ये कहानी बिल्कुल सूक्ष्म होगी तो चलिए शुरू करते है



हिंदू धर्म शास्त्रों में यम को मृत्यु का देवता माना गया है। यमलोक के राजा होने के कारण वे यमराज भी कहलाते हैं। यम सूर्य के पुत्र हैं और उनकी माता का नाम संज्ञा है। उनका वाहन भैंसा और संदेशवाहक पक्षी कबूतर, उल्लू और कौवा भी माना जाता है। उनका हथियार गदा है। यमराज अपने हाथ के कालसूत्र या कालपाश रखते हैं, जिससे वे किसी भी जीव के प्राण निकाल लेते हैं। कहते हैं जब जीवित प्राणी का संसार में काम पूरा हो जाता है तो उसके शरीर से प्राण यमराज अपने कालपाश से खींच लेते हैं, ताकि प्राणी फिर नया शरीर व नया जीवन शुरू कर सके। यमपुरी यमराज की नगरी है, जिसके दो महाभयंकर चार आंखों वाले कुत्ते पहरेदार हैं। यमराज अपने सिंहासन पर बैठकर विचार भवन में मरने वाले की आत्माओं को एक-एक कर बुलवाते हैं, जहां चित्रगुप्त सब प्राणियों का बही खाता खोलकर लेखा-जोखा यमराज को बताते हैं। कर्मों को ध्यान रखकर यमराज अपना फैसला देते हैं। यमराज की कई पत्नियां थी, लेकिन उनमें सुशीला, विजया और हेमनाल अधिक जानी जाती हैं। उनके पुत्रों में धर्मराज युधिष्ठिर सभी को जानते हैं। न्याय के पक्ष में फैसला देने के कारण ही यमराज और युधिष्ठिर धर्मराज के नाम से जाने जाते हैं


तो दोस्तो आशा करते हैं कि आपके जो इस धर्मराज की उपाधि को लेकर जितने भी सवाल आपके मन में उठ रहे थे उनका जवाब मिल गए होंगे ।


अगर आपके मन में इस कहानी को लेकर कुछ भी संशय है तो नीचे कॉमेंट बॉक्स उसी के लिए है आप हमें बताए हम तुरंत प्रभाव से आपके सवालों के जवाब देने की कोशिश करेंगे


अगर ऐसी ही रोचक कहानी पढ़ना आपको अच्छा लगता है तो ईस ब्लॉग को फॉलो कर लीजिए क्योंकि हम ऐसी रोचक जानकारियां यहां रोज डालते है तो उनकी सूचना आपको मिल जाए 

बाकी आप नीचे whatsapp या facebook के बटन पर क्लिक करके अपने दोस्तो के साथ इसे शेयर भी कर सकते है 

आपने अपना अमूल्य समय निकालकर इस पोस्ट को पढ़ा इसके लिए आपका धन्यवाद मिलते है किसी और इसी तरह की रोचक कहानी के साथ तब तक आप अपने आप और अपने परिवार का ख्याल रखिए 



धन्यवाद 

टीम - puranikatha.in

ये भी पढ़ें 👇


Amazon insurance

कर्ण ने कोनसी गलती की थी


मंदोदरी के पिता का नाम क्या था


सूर्पनखा का असली नाम क्या था


अहिल्या के पिता का क्या नाम था


शबरी के माता पिता का क्या नाम था 


कर्ण को कवच क्यो और कैसे मिला


रक्षा बंधन कब से शुरू हुआ


सुमाली कोन था 


अगस्त्य ऋषि के पिता का नाम क्या था


पुलस्त्य ऋषि के ससुर का नाम क्या था


जानी चोर की कथा


रावण के नाना नानी का नाम क्या था


रावण कोन था



कुम्भज ऋषि की कथा






Comments

Popular posts from this blog

मंदोदरी के पिता का क्या नाम था ? पूर्व जन्म की कथा

मंदोदरी के पिता का क्या नाम था

नमस्कार दोस्तों आज की इस पोस्ट में हम मंदोदरी के पूर्व जन्म की कथा की जानकारी आपको देंगे

 साथ ही मंदोदरी कि कुछ सूक्ष्म जानकारी भी आपको देंगे की मंदोदरी के पिता का क्या नाम था

 तो दोस्तो आज मे हम आपके इन्हीं सवालों के जवाब इस पोस्ट में दूंगा 


मंदोदरी कोन थी :- पुरानी कथाओं के अनुसार बताते है की मंदोदरी एक मेंढकी थी एक समय बात है ! 

सप्तऋषि खीर बना रहे थे उस खीर में एक सर्प गिर गया ये सब मंदोदरी ने देख लिया


 ऋषियों ने नहीं देखा तो मंदोदरी जो कि एक मेंढकी थी वो ऋषियों के देखते देखते उनके खाने से पहले उनकी खीर बना रहे पात्र में गिर गई 


ऋषियों ने ये सब देख लिया तो अब जिस भोजन में अगर मेंढक गिर जाए उसे कोन खाए 


इसलिए उन्होंने उस खीर को फेक दिया जैसे ही उन्होंने खीर को फैका उसमे से मेंढकी के साथ एक सर्प भी निकला 


ऋषियों ने समझ लिया कि इस मेंढकी  ने हमे बचाने के लिए अपने प्राण त्याग दिए उन्होंने मंदोदरी को वापस जीवन दान दिया और एक कन्या का रूप दिया तब से कहा जाता हैं की मंदोदरी सप्तऋषियों की संतान थी


अब मंदोदरी सप्तऋषियों के साथ ही रहने लगी मगर ऋषियों ने  सोचा कि एक कन्य…

सूर्पनखा का असली नाम क्या था ! सूर्पनखा के पति का नाम क्या था ! Surpankha

सूर्पनखा का असली नाम क्या था [ surpankha ka asali name kya tha ]
सूर्पनखा के पति का क्या नाम था [ surpankha ke pati ka kya name tha ] 

नमस्कार दोस्तों आज के इस ब्लॉग में हम बात करेंगे कि रावण की बहन सुरपंखा या सूर्पनखा के पति का क्या नाम था और सूर्पनखा का असली नाम क्या था

दोस्तो सूर्पनखा रावण की बहन थी उसका असली नाम सूप नखा था जिसका अर्थ होता है सुंदर नाखूनों वाली 

क्योंकि सूर्पनखा इतनी सुंदर थी कि पुरुष उसके नाखूनों को देखकर ही मोहित हो जाते थे इसलिए उसका नाम सूप नखा पड़ा 


सूर्पनखा के पति का क्या नाम था :- सूर्पनखा के पति का नाम विधुतजिव्ह था जो कि कालकेय नाम के राजा का सेनापति था एक बार कालकेय ओर रावण में युद्ध हो गया और कालकेय की सेना का नेतृत्व जहा विधुतजिव्ह कर रहा था तो दूसरी ओर रावण की सेना का नेतृत्व स्वयं रावण कर रहा था

विधुतजिव्ह के सामने परिस्थिति कठिन थी क्योंकि उसका कर्तव्य बनता था कि अपने राज्य की रक्षा करे मगर ऐसा करता है तो सामने उसका खुद का शाला ही था 

सूर्पनखा ने रावण को समझाया था कि कालकेय की राजधानी पर आक्रमण मत करो मगर रावण अपने राज्य के विस्तार की लालसा में अंधा हो ग…