Skip to main content

ब्रूस ली बायोग्राफी Bruce lee biography in hindi

Bruce lee biography in hindi
Bruce lee biography in hindi

ब्रूस ली ( bruce lee) का परिवार परिचय :- 
ब्रूस ली के पिता का नाम ली होई- चुएन ओ माता का नाम ग्रेस हो ओर पत्नी का नाम लिंडा ली काद्वेल बच्चो का नाम ब्रैंडन ली, शनन ली है 

ब्रूस ली ( bruce lee) का जन्म :- 
ब्रूस ली का जन्म 27 नवंबर 1940 को US के सैन फ्रांसिस्को में जन्मे थे ब्रूस ली का बचपन का नाम ली जून- फेन था 
ब्रूस ली कि बायोग्राफी हिंदी में
ब्रूस ली कि बायोग्राफी हिंदी में


ब्रूस ली की फिल्म : bruce lee movies:- 
जब एक बच्चा सही से न तो बोल पाता है और न ही चल पाता है उस समय से ब्रूस ली फिल्मों में अपना करियर बनाने की शुरुआत कर दी थी। 

जी हां जब ब्रूस ली महज 3 महीने के थे, तब उन्होंने "गोल्डन गेट गर्ल" की फिल्म में काम किया। इसके बाद वे चाइल्ड आर्टिस्ट के रुप में कई फिल्मों में काम करते रहे और अपनी क्यूट अदाओं से दर्शकों के दिल में उन्होंने अपने लिए एक अलग जगह बना ली। 

इस तरह वे अपने एक्टिंग प्रतिभा को और अधिक निखारते चले गए। उन्होंने 6 साल की उम्र तक करीब 20 फिल्मों में चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर काम कर लिया था, जो कि अपने आप में बड़ी उपलब्धि थी। इसके अलावा उन्होंने खुद को एक बेहतर डांसर के रुप में भी पेश दिया।
Bruce lee biography hindi me
Bruce lee biography hindi me

ब्रूस ली की मार्शल आर्ट ट्रेनिग :- 
ब्रूस ली की शुरु से ही दिलचस्पी मार्शल आर्टस को सीखने में थी। वहीं इसके लिए उनके पिता ने भी उन्हें काफी प्रोत्साहित किया था। 

महज 13 साल की उम्र में ही ब्रूस ली ने मास्टर यिप मैन से कुंगफू की ट्रेनिंग लेना शुरु कर दिया था। 

ब्रूस ली की पढ़ाई-लिखाई – Bruce Lee Education 
ब्रूस ली ने अपनी शुरुआती पढ़ाई "ला सल्ले कॉलेज से" की थी। इस स्कूल में उनका खराब प्रदर्शन के चलते उन्हें वहां से निकाल कर "सेंट फ्रांसिस जेवियर्स कॉलेज" में डाल दिया गया था। 

पढ़ाई के दौरान भी मार्शल आर्ट्स में रुझान होने की वजह से वे स्ट्रीट फाइ्टस और गैंग रिवलरीस में शामिल होते रहते थे।
Bruce lee biography movies in hindi
Bruce lee biography movies in hindi





ईस वजह से उनके माता-पिता को उनकी काफी टेंशन रहती थी, क्योंकि वे ली को एक हेल्थी और अच्छा माहौल देना चाहते थे, इसके लिए वे होंग कोंग छोड़कर सीएटल चले गए और जहां ब्रूस ली ने एडिसन टेक्नीक स्कूल में अपनी आगे की पढ़ाई की। 

इस दौरान ब्रूस ली ने एक रेस्टोरेंट में लिव-इन वेटर के रुप में भी काम किया और फिर 1961 में उन्होंने वांशिंगटन यूनिवर्सिटी में एडमिशन लिया। हालांकि बाद में मार्शल आर्टस में कैरियर बनाने के लिए उन्होंने कॉलेज छोड़ दिया था।
ब्रूस ली कि जीवनी हिंदी में
ब्रूस ली कि जीवनी हिंदी में



ब्रूस ली कि मौत ( bruce lee ki dath )
महान मार्शल आर्टिस्ट और सुपरस्टार ब्रूस ली की अचानक मौत ने कई लोगों को आश्चर्य में डाल दिया। दरअसल, 20 जुलाई, 1973 को ब्रूस ली की अचानक मौत हो गई। ब्रूस ली की मौत की वजह से उनके दिमाग में सूजन आने के कारण बताई जाती है। 

ऐसा कहा जाता है कि सिर दर्द होने पर ब्रूस ली ने पैन किलर खा ली थी, जिसके रिएक्शन की वजह से उनके दिमाग में सूजन आ गई और 32 साल की छोटी सी उम्र में उनकी मौत हो गई। 

ब्रूस ली की मौत के बाद उनके शव को सीएटल के लेकव्यू कब्रिस्तान में दफना दिया गया था। जबकि उनकी मौत के बाद उनके घर को एक पर्यटक स्थल के रुप में तब्दील कर दिया गया।
Bruce lee ki biography hindi me
Bruce lee ki biography hindi me



ब्रूस ली की फाइटिंग bruce lee fighting:-
ब्रुस ली की अभूतपूर्व फ़िटनेस का अर्थ था कि वह कई असाधारण शारीरिक करतब करने में सक्षम थे 

हाथ नीचे किए तीन फीट से ली की मारक गति सेकेण्ड के पांचसौंवें भाग में पहुंचती थी। 

ब्रुस ली की भिड़ंत चालें कभी-कभी इतनी तेज़ होती थीं कि उन्हें उस वक़्त के परंपरागत 24 फ्रेम प्रति सेकेण्ड का उपयोग कर के स्पष्ट धीमी गति के लिए फ़िल्म पर चित्रांकित करना काफी मुश्किल था, इसलिए कई दृश्यों को बेहतर स्पष्टता के लिए 32 फ्रेम प्रति सेकंड में फ़िल्माया गया। 

गति के एक प्रदर्शन में ली एक व्यक्ति की खुली हथेली से उसके बंद करने से पहले एक डाईम छीन सकते थे और एक सिक्के को पीछे छोड़ सकते थे। 

ब्रुस ली 30 मिनट या उससे ज़्यादा समय तक एक उच्च V-सिट स्थिति में रह सकते थे। 
Bruce lee fighting
Bruce lee fighting



ब्रुस ली चावल के दाने ऊपर हवा में फेंक कर फिर उन्हें बीच उड़ान में ही चॉपस्टिक से पकड़ सकते थे। 

 ब्रुस ली कोका-कोला के बंद डिब्बे में अपनी उंगलियां घुसेड़ सकते थे। (यह उस समय की बात है, जब शीतल पेय के डिब्बे आज के एल्युमिनियम डिब्बे से अधिक मोटे स्टील से बनते थे)। 

 केवल अंगूठे और तर्जनी का उपयोग करते हुए ली ने एक हाथ के दंड का प्रदर्शन किया। 

ब्रुस ली ने एक हाथ के चिन-अप की 50 पुनरावृत्तियों का प्रदर्शन किया। 

ब्रुस ली 6 इंच (15 सेमी) मोटी लकड़ी के तख्ते को तोड़ सकते थे। 

ब्रुस ली अपने प्रहार से एक 200-Lb (90.72 कि.ग्रा.) बैग को उड़ा सकते थे और साईड किक् से छत को ठोंक सकते थे। 

जेम्स कॉबर्नके साथ प्रशिक्षण के दौरान ली ने एक साईड किक् का प्रदर्शन किया और 150 Lb (68 कि.ग्रा.) पंचिंग बैग को तोड़ दिया. 

एक चाल में जिसे "ड्रैगन फ्लैग" की संज्ञा दी गई, ली ने एक बेंच के किनारे का सहारा लेकर सिर्फ अपने कंधे की अस्थि से अपने पांव उठाये और अपने धड़ और पांवों को हवा के मध्य समानान्तर फैलाया 
Bruce lee biography in hindi
Bruce lee biography in hindi


ये भी पढ़ें 👇
Jackie chan biograpgy in hindi

Comments

Popular posts from this blog

मंदोदरी के पिता का क्या नाम था ? पूर्व जन्म की कथा

मंदोदरी के पिता का क्या नाम था

नमस्कार दोस्तों आज की इस पोस्ट में हम मंदोदरी के पूर्व जन्म की कथा की जानकारी आपको देंगे

 साथ ही मंदोदरी कि कुछ सूक्ष्म जानकारी भी आपको देंगे की मंदोदरी के पिता का क्या नाम था

 तो दोस्तो आज मे हम आपके इन्हीं सवालों के जवाब इस पोस्ट में दूंगा 


मंदोदरी कोन थी :- पुरानी कथाओं के अनुसार बताते है की मंदोदरी एक मेंढकी थी एक समय बात है ! 

सप्तऋषि खीर बना रहे थे उस खीर में एक सर्प गिर गया ये सब मंदोदरी ने देख लिया


 ऋषियों ने नहीं देखा तो मंदोदरी जो कि एक मेंढकी थी वो ऋषियों के देखते देखते उनके खाने से पहले उनकी खीर बना रहे पात्र में गिर गई 


ऋषियों ने ये सब देख लिया तो अब जिस भोजन में अगर मेंढक गिर जाए उसे कोन खाए 


इसलिए उन्होंने उस खीर को फेक दिया जैसे ही उन्होंने खीर को फैका उसमे से मेंढकी के साथ एक सर्प भी निकला 


ऋषियों ने समझ लिया कि इस मेंढकी  ने हमे बचाने के लिए अपने प्राण त्याग दिए उन्होंने मंदोदरी को वापस जीवन दान दिया और एक कन्या का रूप दिया तब से कहा जाता हैं की मंदोदरी सप्तऋषियों की संतान थी


अब मंदोदरी सप्तऋषियों के साथ ही रहने लगी मगर ऋषियों ने  सोचा कि एक कन्य…

युधिष्ठिर को धर्म राज क्यो कहा जाता हैं ?

नमस्कार दोस्तों आज के इस पोस्ट में हम बात करेंगे कि युधिष्ठिर को धर्म राज क्यो कहा जाता हैं क्या इसमें कुछ रहस्य है अगर है तो वो क्या है जिससे कि युधिष्ठिर को धर्म राज की उपाधि मिली 

अगर आपके मन में भी ये सवाल जागा है तो आप सही जगह आ गए हैं में इस पोस्ट हम आज आपके इसी सवाल का जवाब देने की कोशिश करेंगे 

दोस्तो युधिष्ठर की धर्मराज उपाधि की कहानी को समझने से पहले हमें यमराज की छोटी सी कहानी को समझना जरूरी है पर आप घबराइए नहीं ये कहानी बिल्कुल सूक्ष्म होगी तो चलिए शुरू करते है


हिंदू धर्म शास्त्रों में यम को मृत्यु का देवता माना गया है। यमलोक के राजा होने के कारण वे यमराज भी कहलाते हैं। यम सूर्य के पुत्र हैं और उनकी माता का नाम संज्ञा है। उनका वाहन भैंसा और संदेशवाहक पक्षी कबूतर, उल्लू और कौवा भी माना जाता है। उनका हथियार गदा है। यमराज अपने हाथ के कालसूत्र या कालपाश रखते हैं, जिससे वे किसी भी जीव के प्राण निकाल लेते हैं। कहते हैं जब जीवित प्राणी का संसार में काम पूरा हो जाता है तो उसके शरीर से प्राण यमराज अपने कालपाश से खींच लेते हैं, ताकि प्राणी फिर नया शरीर व नया जीवन शुरू कर सके। यमपुरी यम…

सूर्पनखा का असली नाम क्या था ! सूर्पनखा के पति का नाम क्या था ! Surpankha

सूर्पनखा का असली नाम क्या था [ surpankha ka asali name kya tha ]
सूर्पनखा के पति का क्या नाम था [ surpankha ke pati ka kya name tha ] 

नमस्कार दोस्तों आज के इस ब्लॉग में हम बात करेंगे कि रावण की बहन सुरपंखा या सूर्पनखा के पति का क्या नाम था और सूर्पनखा का असली नाम क्या था

दोस्तो सूर्पनखा रावण की बहन थी उसका असली नाम सूप नखा था जिसका अर्थ होता है सुंदर नाखूनों वाली 

क्योंकि सूर्पनखा इतनी सुंदर थी कि पुरुष उसके नाखूनों को देखकर ही मोहित हो जाते थे इसलिए उसका नाम सूप नखा पड़ा 


सूर्पनखा के पति का क्या नाम था :- सूर्पनखा के पति का नाम विधुतजिव्ह था जो कि कालकेय नाम के राजा का सेनापति था एक बार कालकेय ओर रावण में युद्ध हो गया और कालकेय की सेना का नेतृत्व जहा विधुतजिव्ह कर रहा था तो दूसरी ओर रावण की सेना का नेतृत्व स्वयं रावण कर रहा था

विधुतजिव्ह के सामने परिस्थिति कठिन थी क्योंकि उसका कर्तव्य बनता था कि अपने राज्य की रक्षा करे मगर ऐसा करता है तो सामने उसका खुद का शाला ही था 

सूर्पनखा ने रावण को समझाया था कि कालकेय की राजधानी पर आक्रमण मत करो मगर रावण अपने राज्य के विस्तार की लालसा में अंधा हो ग…