Skip to main content

सूर्पनखा का असली नाम क्या था ! सूर्पनखा के पति का नाम क्या था ! Surpankha

सूर्पनखा का असली नाम क्या था [ surpankha ka asali name kya tha ]
सूर्पनखा के पति का क्या नाम था [ surpankha ke pati ka kya name tha ] 
Surpankha ka asali name kya tha
Surpankha ka asli name kya tha

नमस्कार दोस्तों आज के इस ब्लॉग में हम बात करेंगे कि रावण की बहन सुरपंखा या सूर्पनखा के पति का क्या नाम था और सूर्पनखा का असली नाम क्या था

दोस्तो सूर्पनखा रावण की बहन थी उसका असली नाम सूप नखा था जिसका अर्थ होता है सुंदर नाखूनों वाली 


क्योंकि सूर्पनखा इतनी सुंदर थी कि पुरुष उसके नाखूनों को देखकर ही मोहित हो जाते थे इसलिए उसका नाम सूप नखा पड़ा 



सूर्पनखा के पति का क्या नाम था :- सूर्पनखा के पति का नाम विधुतजिव्ह था जो कि कालकेय नाम के राजा का सेनापति था एक बार कालकेय ओर रावण में युद्ध हो गया और कालकेय की सेना का नेतृत्व जहा विधुतजिव्ह कर रहा था तो दूसरी ओर रावण की सेना का नेतृत्व स्वयं रावण कर रहा था


विधुतजिव्ह के सामने परिस्थिति कठिन थी क्योंकि उसका कर्तव्य बनता था कि अपने राज्य की रक्षा करे मगर ऐसा करता है तो सामने उसका खुद का शाला ही था 


सूर्पनखा ने रावण को समझाया था कि कालकेय की राजधानी पर आक्रमण मत करो मगर रावण अपने राज्य के विस्तार की लालसा में अंधा हो गया था उसने आक्रमण किया 


विधुतजिव्ह भी अपने कर्तव्य पर अडिग रहने का फैसला किया और रावण के सामने युद्ध में खड़ा हो गया 


रावण ओर विधुतजिव्ह का युद्ध हुआ और रावण ने विधुतजिव्ह को मार दिया सूर्पनखा क्योंकि विधुतजिव्ह की पत्नी थी इसलिए उसे बहुत दुख हुआ और उसने कसम खा ली कि एक रोज वह रावण के पूरे परिवार का नाश करेगी


इसलिए उसने श्री राम के पास जाकर उन्हें तंग करना आरंभ कर दिया क्योंकि उसने समझ लिया था कि रावण को श्री राम ही हरा  सकते है इसलिए उसने बैर बढ़वा दिया 

ओर सूर्पनखा के कारण ही राम ओर रावण में युद्ध हुआ
ओर अंत में जीत श्री राम की हुई 

ये भी पढ़ें 👇


युधिष्ठर को धर्म राज क्यो कहा जाता है


मंदोदरी के पिता का नाम क्या था


अहिल्या के पिता का क्या नाम था


सबरी के माता पिता का क्या नाम था 


कर्ण को कवच क्यो और कैसे मिला


रक्षा बंधन कब से शुरू हुआ


सुमाली कोन था 


अगस्त्य ऋषि के पिता का नाम क्या था


पुलस्त्य ऋषि के ससुर का नाम क्या था


जानी चोर की कथा


रावण के नाना नानी का नाम क्या था


रावण कोन था


कुम्भज ऋषि कोन थे





दोस्तो आशा करते हैं कि ये पोस्ट आपको अच्छी लगी होगी अगर अच्छी लगी तो इसे शेयर करें और कॉमेंट करके आप जरुर बताए ऐसे ही और पोस्ट पढ़ने के लिए हमारे ब्लॉग को फॉलो करें

अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करें 

Comments

Post a comment

Popular posts from this blog

मंदोदरी के पिता का क्या नाम था ? पूर्व जन्म की कथा

मंदोदरी के पिता का क्या नाम था

नमस्कार दोस्तों आज की इस पोस्ट में हम मंदोदरी के पूर्व जन्म की कथा की जानकारी आपको देंगे

 साथ ही मंदोदरी कि कुछ सूक्ष्म जानकारी भी आपको देंगे की मंदोदरी के पिता का क्या नाम था

 तो दोस्तो आज मे हम आपके इन्हीं सवालों के जवाब इस पोस्ट में दूंगा 


मंदोदरी कोन थी :- पुरानी कथाओं के अनुसार बताते है की मंदोदरी एक मेंढकी थी एक समय बात है ! 

सप्तऋषि खीर बना रहे थे उस खीर में एक सर्प गिर गया ये सब मंदोदरी ने देख लिया


 ऋषियों ने नहीं देखा तो मंदोदरी जो कि एक मेंढकी थी वो ऋषियों के देखते देखते उनके खाने से पहले उनकी खीर बना रहे पात्र में गिर गई 


ऋषियों ने ये सब देख लिया तो अब जिस भोजन में अगर मेंढक गिर जाए उसे कोन खाए 


इसलिए उन्होंने उस खीर को फेक दिया जैसे ही उन्होंने खीर को फैका उसमे से मेंढकी के साथ एक सर्प भी निकला 


ऋषियों ने समझ लिया कि इस मेंढकी  ने हमे बचाने के लिए अपने प्राण त्याग दिए उन्होंने मंदोदरी को वापस जीवन दान दिया और एक कन्या का रूप दिया तब से कहा जाता हैं की मंदोदरी सप्तऋषियों की संतान थी


अब मंदोदरी सप्तऋषियों के साथ ही रहने लगी मगर ऋषियों ने  सोचा कि एक कन्य…

युधिष्ठिर को धर्म राज क्यो कहा जाता हैं ?

नमस्कार दोस्तों आज के इस पोस्ट में हम बात करेंगे कि युधिष्ठिर को धर्म राज क्यो कहा जाता हैं क्या इसमें कुछ रहस्य है अगर है तो वो क्या है जिससे कि युधिष्ठिर को धर्म राज की उपाधि मिली 

अगर आपके मन में भी ये सवाल जागा है तो आप सही जगह आ गए हैं में इस पोस्ट हम आज आपके इसी सवाल का जवाब देने की कोशिश करेंगे 

दोस्तो युधिष्ठर की धर्मराज उपाधि की कहानी को समझने से पहले हमें यमराज की छोटी सी कहानी को समझना जरूरी है पर आप घबराइए नहीं ये कहानी बिल्कुल सूक्ष्म होगी तो चलिए शुरू करते है


हिंदू धर्म शास्त्रों में यम को मृत्यु का देवता माना गया है। यमलोक के राजा होने के कारण वे यमराज भी कहलाते हैं। यम सूर्य के पुत्र हैं और उनकी माता का नाम संज्ञा है। उनका वाहन भैंसा और संदेशवाहक पक्षी कबूतर, उल्लू और कौवा भी माना जाता है। उनका हथियार गदा है। यमराज अपने हाथ के कालसूत्र या कालपाश रखते हैं, जिससे वे किसी भी जीव के प्राण निकाल लेते हैं। कहते हैं जब जीवित प्राणी का संसार में काम पूरा हो जाता है तो उसके शरीर से प्राण यमराज अपने कालपाश से खींच लेते हैं, ताकि प्राणी फिर नया शरीर व नया जीवन शुरू कर सके। यमपुरी यम…