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एक कान के कारण दो देशों में हुआ युद्ध ! Jenkins ke kan ka yudh! Historical

नमस्कार दोस्तों
इतिहास में बहुत से अजीब युद्ध हुए पर आज में आपको जिस युद्ध के बारे में बताने जा रहा हूं वो युद्ध सिर्फ एक कान की चोट की वजह से शुरू हुआ और कई लोगो की मौत का कारण बना जिसे जेनकिंस के कान का युद्ध भी कहा जाता हैं


जेनकिंस के कान का युद्ध कब और कैसे हुआ पूरी जानकारी
जेनकिंस के कान का युद्ध कब और कैसे हुआ पूरी जानकारी





तो दोस्तो बात सन 1739 की है ब्रिटेन की एक व्यापारी जहाज में स्पेन के एक नाविक भी काम करते थे जिनका नाम था रोबर्ट जेनकिंस ! वो उस जहाज के कप्तान थे रोबर्ट जेनकिंस के किसी कारण उनके कान के उपर मामूली चोट लग गई ! चोट लगने का कारण ज्ञात नहीं पर शायद ब्रिटेन के व्यापारियों ने मार दी होगी ये केवल मेरा विचार है ऐसा कही भी लिखा हुआ नहीं है





पर उनके कान पर चोट लगने से उन्होंने स्पेन को इस बात की सिखायत की क्योंकि स्पेन और ब्रिटेन में व्यापारिक समझोता था स्पेन के लोग आपके साथ काम कर सकते है पर स्पेन के लोगो को कभी भी आपकी वजह से कोई तकलीफ नहीं होनी चाहिए ! इसलिए रोबर्ट ने स्पेन में ब्रिटेन के खिलाफ शिकायत कर दी थी ! ओर दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ता बढ़ता इतना बढ़ गया कि 1739 से युद्ध शुरू हुआ और 1748 तक चला




इस युद्ध में बहुत से सैनिको को जान गवानी पड़ी फिर 1748 में दोनों देशों के बीच शांति संधि हुई इस युद्ध में बहुत से जान माल की हानी हुई ये युद्ध दुनिया का सबसे मूरखतापूर्ण कारण की वजह से लड़ा गया युद्ध भी माना जाता हैं




तो दोस्तो आशा करते हैं कि ये पोस्ट आपको अच्छी लगी होगी अगर अच्छी लगी तो इसे शेयर करें और ऐसी अच्छी और नोलेजेबल पोस्ट पढ़ने के लिए हमारे ब्लॉग को फॉलो करें पोस्ट पढ़ने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद

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 तो दोस्तो आज मे हम आपके इन्हीं सवालों के जवाब इस पोस्ट में दूंगा 


मंदोदरी कोन थी :- पुरानी कथाओं के अनुसार बताते है की मंदोदरी एक मेंढकी थी एक समय बात है ! 

सप्तऋषि खीर बना रहे थे उस खीर में एक सर्प गिर गया ये सब मंदोदरी ने देख लिया


 ऋषियों ने नहीं देखा तो मंदोदरी जो कि एक मेंढकी थी वो ऋषियों के देखते देखते उनके खाने से पहले उनकी खीर बना रहे पात्र में गिर गई 


ऋषियों ने ये सब देख लिया तो अब जिस भोजन में अगर मेंढक गिर जाए उसे कोन खाए 


इसलिए उन्होंने उस खीर को फेक दिया जैसे ही उन्होंने खीर को फैका उसमे से मेंढकी के साथ एक सर्प भी निकला 


ऋषियों ने समझ लिया कि इस मेंढकी  ने हमे बचाने के लिए अपने प्राण त्याग दिए उन्होंने मंदोदरी को वापस जीवन दान दिया और एक कन्या का रूप दिया तब से कहा जाता हैं की मंदोदरी सप्तऋषियों की संतान थी


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