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महाभारत युद्ध के नियम जानकर चौंक जाएंगे Mahabharat ki katha

Mahabharat ki katha
Mahabharat ki katha

महाभारत की कथा : Mahabhart ki Katha

नमस्कार!

दोस्तों दुनिया में यू तो बहुत से युद्ध हुए हैं मगर दुनिया के सबसे भीषण युद्ध की गिनती की जाए तो हम सभी की जबान पर केवल एक नाम आता है महाभारत !

जी हां दोस्तों इसमें कोई संदेह नहीं कि महाभारत का  युद्ध ही इस दुनिया का सबसे भीषण युद्ध था खैर ये मेरे पर्सनल विचार है आपके विचार अलग हो सकते है पर आज के इस ब्लॉग में हम महाभारत युद्ध की विशालता नहीं बल्की इस युद्ध को शुरू होने से पहले युद्ध के लिए बनाए गए नियमो के बारे मैं जानकारी देंगे 





महाभारत युद्ध के नियम न.१ [ Rules War Of Mahabhart  No.1 ] :-  महाभारत के इस युद्ध में जब सांझ ढल जाएगी तब सभी योद्धा अपने हथियार को छोड़ देंगे और दुश्मन योद्धाओं से प्रेम पूर्वक व्यवहार करेंगे कोई किसी के साथ छल कपट नहीं करेंगे 

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महाभात युद्ध के नियम न. २ [ Mahabhart yudha ke Niyam No. 2 ] :- जो भी योद्धा वाग्युद्ध [ क्रोध पूर्ण बाते ] कर रहा हो उनसे वाग्युद्ध ही किया जाए उसके उपर प्रहार नहीं कर सकते  


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महाभात युद्ध के नियम न. ३ [ Mahabhart yudha ke Niyam No. 3] :-  रथ सवार रथ सवार के साथ हाथी सवार हाथी सवार के साथ घुड़ सवार घुड़ सवार के साथ और पैदल सैनिक पैदल सैनिक के साथ ही युद्ध करेंगे 


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महाभात युद्ध के नियम न. ४ [ Mahabhart yudha ke Niyam No. 4 ] :- जो योद्धा जी योद्धा के  योग्य हो और फिर भी दोनों योद्धाओं की सहमति हो तब ही युद्ध करे अगर सामने वाले सैनिक तुमसे कमजोर हो और वो तुमसे युद्ध नहीं करना चाहता है तो वो अपनी हार मान रहा है इसलिए तुम उसके साथ युद्ध नहीं कर सकते और निहत्थों पर वार नहीं कर सकते 





महाभात युद्ध के नियम न. ५ [ Mahabhart yudha ke Niyam No. 5 ] :- जो सेना से बाहर निकल गए हो उनपे प्रहार नहीं किया जाए और दुश्मन को पुकार कर उसे सावधान करके युद्ध किया जाए


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महाभात युद्ध के नियम न. ६ [ Mahabhart yudha ke Niyam No. 6 ] :- जो किसी एक के साथ युद्ध कर रहा हो उसपे दूसरा कोई वार नहीं कर सकता और युद्ध छोड़कर भागने वालों पर भी वार नहीं कर सकते 



महाभात युद्ध के नियम न. ७ [ Mahabhart yudha ke Niyam No. 7 ]:- जिनका कवच नष्ट हो गया हो उनके उपर वार नहीं करे साथ ही भार ढोने वालों शंख बजाने वालों और शस्त्र पहुंचाने वालों पर वार नहीं कर सकते 


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तो दोस्तो ये थे महाभारत युद्ध के कुछ नियम अगर ये पोस्ट पसंद आयी है तो इसे शेयर लाईक करें अगर आप ऐसी ही पुरानिकथाओ की पोस्ट पढ़ना चाहते है तो आप हमारी वेबसाइट के historical tab को ओपन कर सकते है  आपको बहुत ही रोचक कहानी के पोस्ट मिल जाएंगे हमारे ब्लॉग को फॉलो करें आप सभी हमारी वेबसाइट पर आए इसके लिए आपका धन्यवाद 

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 ऋषियों ने नहीं देखा तो मंदोदरी जो कि एक मेंढकी थी वो ऋषियों के देखते देखते उनके खाने से पहले उनकी खीर बना रहे पात्र में गिर गई 


ऋषियों ने ये सब देख लिया तो अब जिस भोजन में अगर मेंढक गिर जाए उसे कोन खाए 


इसलिए उन्होंने उस खीर को फेक दिया जैसे ही उन्होंने खीर को फैका उसमे से मेंढकी के साथ एक सर्प भी निकला 


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