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कोन कहता है भगवान आते नहीं लिरिक्स Kon kahta ha bhagwan aate nahi bhajan lyrics

कोन कहता है भगवान आते नहीं भजन लिरिक्स
Kon kahta ha bhagwan aate nahi bhajan lyrics


अच्युतम केशवम कृष्ण दामोदरम
           राम नारायणम जानकी वलभम  


कोन कहता है भगवान आते नहीं 
              तुम मीरा के जैसे बुलाते नहीं
अच्युतम केशवम कृष्ण दामोदरम
           राम नारायणम जानकी वलभम



कोन कहता है भगवान खाते नहीं
            बेर सबरी के जैसे खिलाते नहीं
अच्युतम केशवम कृष्ण दामोदरम
           राम नारायणम जानकी वलभम



कोन कहता है भगवान सोते नहीं
            मा यशोदा के जैसे सुलाते नहीं
अच्युतम केशवम कृष्ण दामोदरम
           राम नारायणम जानकी वलभम



कोन कहता है भगवान नाचते नहीं
              तुम गोपी के जैसे नाचते नहीं
अच्युतम केशवम कृष्ण दामोदरम
           राम नारायणम जानकी वलभम

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 तो दोस्तो आज मे हम आपके इन्हीं सवालों के जवाब इस पोस्ट में दूंगा 


मंदोदरी कोन थी :- पुरानी कथाओं के अनुसार बताते है की मंदोदरी एक मेंढकी थी एक समय बात है ! 

सप्तऋषि खीर बना रहे थे उस खीर में एक सर्प गिर गया ये सब मंदोदरी ने देख लिया


 ऋषियों ने नहीं देखा तो मंदोदरी जो कि एक मेंढकी थी वो ऋषियों के देखते देखते उनके खाने से पहले उनकी खीर बना रहे पात्र में गिर गई 


ऋषियों ने ये सब देख लिया तो अब जिस भोजन में अगर मेंढक गिर जाए उसे कोन खाए 


इसलिए उन्होंने उस खीर को फेक दिया जैसे ही उन्होंने खीर को फैका उसमे से मेंढकी के साथ एक सर्प भी निकला 


ऋषियों ने समझ लिया कि इस मेंढकी  ने हमे बचाने के लिए अपने प्राण त्याग दिए उन्होंने मंदोदरी को वापस जीवन दान दिया और एक कन्या का रूप दिया तब से कहा जाता हैं की मंदोदरी सप्तऋषियों की संतान थी


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