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Showing posts from February, 2020

जब एक बाल्टी के लिए मारे गए थे 2000 सैनिक war of bucket in hindi

जब एक बाल्टी के लिए मारे गए थे 2000 सैनिक 
War of bucket in Hindi

नमस्कार दोस्तों
वैसे तो इतिहास में बहुत से युद्ध हुए ओर बहुत से सैनिकों को अपनी जान गवानी पड़ी पर इतिहास में कुछ ऐसे युद्ध भी हुए जो कि बिल्कुल मामूली सी चीज के लिए लड़े गए और उन्ही युद्धों में एक नाम आता है  [ War of the Bucket  ] बाल्टी का युद्ध ! और इस युद्ध में 2000 से ज्यादा सैनिक मारे गए । 


तो दोस्तो आज ह हम इस बाल्टी के युद्ध के बारे में जानेंगे कि ये युद्ध किन कारणों से हुआ और कोन कोन सी सेनाओं के बीच लड़ा गया । 

बाल्टी का युद्ध कब और किसके साथ हुआ

बात सन 1325 की है बोलोग्ना और मोडेना राज्यो के बीच बेहद तनाव था दोनों राज्यो के सैनिक बॉर्डर पे रोजाना एक दूसरे से भिड़ जाते थे दोनों शहरों के बीच 50 km का ही फासला था 

बोलोग्ना राज्य को ईसाई धर्म गुरु पॉप का समर्थन था तो मोडेना राज्य को रोमन साम्राज्य का समर्थन था। सितंबर 1325 की किसी रात को मोडेना राज्य के कुछ सैनिक बोलोग्ना राज्य में घुस गए और वहां से एक बाल्टी चुरा ली जब इस बात का पता जब बोलोग्ना राज्य के सम्राट को पता चला तो उन्होंने बाल्टी वापस करने को कहा मगर मोडेना र…

महाभारत युद्ध के नियम जानकर चौंक जाएंगे Mahabharat ki katha

महाभारत की कथा : Mahabhart ki Katha

नमस्कार!

दोस्तों दुनिया में यू तो बहुत से युद्ध हुए हैं मगर दुनिया के सबसे भीषण युद्ध की गिनती की जाए तो हम सभी की जबान पर केवल एक नाम आता है महाभारत !

जी हां दोस्तों इसमें कोई संदेह नहीं कि महाभारत का  युद्ध ही इस दुनिया का सबसे भीषण युद्ध था खैर ये मेरे पर्सनल विचार है आपके विचार अलग हो सकते है पर आज के इस ब्लॉग में हम महाभारत युद्ध की विशालता नहीं बल्की इस युद्ध को शुरू होने से पहले युद्ध के लिए बनाए गए नियमो के बारे मैं जानकारी देंगे 





महाभारत युद्ध के नियम न.१ [ Rules War Of Mahabhart  No.1 ] :-  महाभारत के इस युद्ध में जब सांझ ढल जाएगी तब सभी योद्धा अपने हथियार को छोड़ देंगे और दुश्मन योद्धाओं से प्रेम पूर्वक व्यवहार करेंगे कोई किसी के साथ छल कपट नहीं करेंगे 

ये भी पढ़ें - युधिष्ठर को धर्म राज क्यो कहा जाता हैं

महाभात युद्ध के नियम न. २ [ Mahabhart yudha ke Niyam No. 2 ] :- जो भी योद्धा वाग्युद्ध [ क्रोध पूर्ण बाते ] कर रहा हो उनसे वाग्युद्ध ही किया जाए उसके उपर प्रहार नहीं कर सकते  


ये भी पढ़ें - कर्ण ये गलती ना करता तो उसकी मौत नहीं होती


महाभात युद्ध…

जब एक सूअर के लिए भीड़ गए थे अमेरिका ओर ब्रिटेन ! सूअर की लड़ाई pig war

जब एक सूअर के लिए अमेरिका और ब्रिटेन में होने वाला था भयंकर युद्ध 


War of America vs britian :- 
यह बात 1846 का है, जब ब्रिटेन अपने साम्राज्य विस्तार के अंतिम चरण में था, अमेरिका और ब्रिटेन के बीच रॉकी पहाड़ और प्रशांत तट पर विवाद चल रहा था और यह विवाद ओरेगॉन संधि ( oregonsandhi) के द्वारा हल हो गया था।




 इस संधि से अमेरिका, ब्रिटेन और उत्तरी अमेरिका ( आज का कनाडा) में सीमा विभाजन 49 पैरेलल लाइन के द्वारा हो गया । मगर  प्रशांत तट सागर के उस क्षेत्र में एक द्वीप था  जिसका नाम थासैन जुआन द्वीप उस द्वीप पर किसी का भी हक नहीं था । समय बीतता गया कुछ लोग अमेरिका के तो कुछ लोग ब्रिटेन के वहा घर बनाकर रहने लगे


ब्रिटेन की हडसन बे कम्पनी भी यहां स्थापित हो गई और अमेरिका से भी काफी मात्रा में यहां इस द्वीप पर आ गए दोनों देशों के नागरिक प्रेम से रह रहे थे


The pig war/ सूअर की लड़ाई :- 15 जून 1859 को एक ब्रिटिश नागरिक का सूअर अमेरिकी नागरिक लाइमैन कटलर के खेत में घुस गया और आलू खाने लगा लाइमैन ने उसके उपर गोली चला दी और वो मर गया  यह सूअर हडसन कम्पनी के कर्मचारी चार्ल्स ग्रिफ्फिन का था वो आ गया लाइमैन न…

जब एक तरबूज के लिए हुआ था युद्ध जानिए उस युद्ध की पूरी कहानी matire ki raad

तरबूज की लड़ाई कब और किसके साथ हुई/ Tarbuj ki ladai
मतीरे की राड़ कब और किसके साथ हुई ( Matire ki raad)

नमस्कार दोस्तों आज के ब्लॉग में हम दो राज्यो की ऐसी लड़ाई के बारे में जानेंगे जो कि तरबूज के कारण हुई थी जी हा चौक गए ना  में भी ऐसे ही चौंक गया था जब इसके बारे मैं पढ़ा था मगर ये सत्य है तो चलिए शुरू कर है अपनी कहानी 

तो दोस्तो बात है सन 1644 की जब राजपूताना के बीकानेर रियासत के महाराज थे कर्ण शिंह ओर नागौर रियासत के महाराज थे अमर सिंह राठौड़ !
तो दोस्तो नागौर रियासत का एक गांव था जोखनिया !और जोखनीया गांव के साथ में ही दूसरे गांव की सीमा भी लगती थी और वो दूसरा गांव था खिलवा ! और खिलवा गांव बीकानेर रियासत में आता था 



अब हुआ ये की जोखनिया गांव की एक तरबूज की बेल फैलती फैलती खिलवा गांव में चली गई और वहां खिलवा गांव में उस बेल पर एक तरबूज लग गया अब जोखनिया गांव का किसान तो कहने लगा ये तरबूज मेरा है क्योंकि बेल मेरे खेत में लगी है और खिलवा गांव का किसान ने उस तरबूज पर अपना हक जताने लगा क्योंकि तरबूज मेरे खेत में लगा है

झगड़ा फैलता गया दोनों किसानों से वो झगड़ा दोनों गांवों के बीच हो गया और दो…

अमेरिका ने दी अपने नागरिकों दिल्ली के हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में ना जाने की सलाह अरविंद केजरीवाल ने किया दौरा

Delhi hinsa letest news
अमेरिका ने जारी किया सुरक्षा अलर्ट

अमेरिकी नागरिकों को दी हिंसा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा ना करने की सलाह

दिल्ली हिंसा में अब तक 24 की मौत 


आपको बता दे कि पिछले कुछ दिनों से दिल्ली की शांति भंग हो रही है दिल्ली में दंगा हो रहे है 

दिल्ली पुलिस ने कहा हालत कंट्रोल में है 
मगर अभी तक मोतो को रोक नहीं पाए


आपको बता दे की दिल्ली में हो रहे उपद्रव में करीब 24 लोगो की मौत हो गई जिनमें एक पुलिस कांस्टेबल भी है  और 170 लोग घायल हो गए जिनमें 50 पुलिस कांस्टेबल , आईपीएस ऑफिसर भी है

दिल्ली में हिंसा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा अरविंद केजरवाल कर रहे है वो शिव विहार का दौरा किया

How did Tatya Tope die ? Tatya Tope boigraphy In English

How did Tatya Tope die? Read the important question 



Regarding Tatya Tope, the pioneer leader of the first freedom struggle in India in 1857, historians say that he was hanged in April 1859, but one of his descendants claimed that he was martyred while fighting on 1 January 1859 .



Tatya was not hanged on 18 April 1859 in Shivpuri, Madhya Pradesh, but Tatya Tope was martyred on 1 January 1859, taking on the British near Chhipa Baroda in Guna district. 





The Appendix of Leopold Padgett's book 'Camp and cantonment a general of life in India in 1857 - 1859', the English Major Padgett's wife, mentions the clothes and white horses of Tatya Tope and said that we received reports that Tatya Tope Mare went.




The famous historian Prof. Bipin Chandra wrote in his book 'India's Freedom Struggle', "Tatya Tope continued guerrilla fighting with his unit till April 1859, but a zamindar betrayed him and the British put him to death." 





Rizwan Kaiser, Professor of History …

दिल्ली में उपद्रव पर नरेंद्र मोदी जी ने दिया बड़ा बयान देखिए क्या कहा delhi news

दिल्ली न्यूज :- प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने दिल्ली में हो रहे उपद्रव को लेकर दिया बयान शांति बनाए रखने की की अपील 

 देखते हैं मोदी जी ने क्या कहा

कहा - शांति और सद्भाव हमारे लोकाचार के लिए केंद्रीय हैं। मैं दिल्ली की अपनी बहनों और भाइयों से हर समय शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील करता हूं। यह महत्वपूर्ण है कि शांत हो और सामान्य स्थिति जल्द से जल्द बहाल हो।




आपको बता दे की दिल्ली में हो रहे उपद्रव में करीब 11 लोगो की मौत हो गई जिनमें एक पुलिस कांस्टेबल भी है  और 170 लोग घायल हो गए जिनमें 50 पुलिस कांस्टेबल , आईपीएस ऑफिसर भी है

कोन कहता है भगवान आते नहीं लिरिक्स Kon kahta ha bhagwan aate nahi bhajan lyrics

कोन कहता है भगवान आते नहीं भजन लिरिक्स
Kon kahta ha bhagwan aate nahi bhajan lyrics


अच्युतम केशवम कृष्ण दामोदरम
           राम नारायणम जानकी वलभम  


कोन कहता है भगवान आते नहीं 
              तुम मीरा के जैसे बुलाते नहीं
अच्युतम केशवम कृष्ण दामोदरम
           राम नारायणम जानकी वलभम



कोन कहता है भगवान खाते नहीं
            बेर सबरी के जैसे खिलाते नहीं
अच्युतम केशवम कृष्ण दामोदरम
           राम नारायणम जानकी वलभम



कोन कहता है भगवान सोते नहीं
            मा यशोदा के जैसे सुलाते नहीं
अच्युतम केशवम कृष्ण दामोदरम
           राम नारायणम जानकी वलभम



कोन कहता है भगवान नाचते नहीं
              तुम गोपी के जैसे नाचते नहीं
अच्युतम केशवम कृष्ण दामोदरम
           राम नारायणम जानकी वलभम

2000 के नोट होंगे बंद ! आज की ताजा खबर ! Aaj ki taza khabar

Aaj ki taza khabar

अब नहीं निकाल पाएंगे 2000 के नोट एटीएम से
2000 रुपए के नोट :- अब आप देश के किसी भी ATM से 2000 के नोट नहीं निकाल सकते हैं देश के सभी ATM मशीनों से 2000 रुपए के नोट हटाना बैंको ने शुरू कर दिया है अब आप 500 , 200 , ओर 100 के नोट ही ATM से निकाल सकते है ।




हालाकि 2000 के नोट मान्य होंगे बस आप उन्हें ATM से नहीं निकाल सकते सभी सरकारी बैंको का कहना है कि आम लोग 2000 रुपए के नोट ATM से निकलने के बाद उनके छुट्टे करवाने के लिए बैंकों की शाखाओं में जाते है ओर वहा भीड़ हो जाती हैं इसलिए ये फैसला लिया गया है



वैसे आपको बता दे कि सरकार भी धीरे धीरे इन 2000 के नोटों को बंद करने के बारे मैं सोच रही है ओर इन नोटों को आरबीआई की करेंसी चेस्ट में जमा किया जा रहा है ओर लगभग सभी बैंक अपनी अपनी शाखाओं से 2000 के नोट वापस मांग रहे है


आपको बता दें कि 8 नवम्बर 2016 को पीएम नरेंद्र मोदी ने 1000 ओर 500 के नोट बंद कर दिया गया था और इनकी जगह 500 ओर 2000 के नए नोट लेकर आए थे 


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Maharana Partap biography ! full story battle of Haldighati In English

  Maharana Partap biography in English and full story battle of Haldighati



When was Maharana Pratap born? :-
Maharana Pratap was born on 9 May 1540.

When did the battle of Haldighati happen?
The battle of Haldighati  fought between Mughal Emperor Akbar and Maharana Pratap on June 18, 1576 AD. This war between Akbar and Maharana Pratap proved disastrous like the Mahabharata war.


Neither Akbar won nor Rana lost in thebattle of Haldighati. If the Mughals had more military power, then Rana Pratap had no shortage of combative power.


Maharana Pratap's spear was 81 kg and his chest armor was 72 kg. His spear, armor, shield and two swords together weighed 208 kg.


In the battle of Haldi valley, Maharana Pratap had only 20,000 soldiers and Akbar had 85,000 soldiers. Despite this, Maharana Pratap did not give up and kept fighting for freedom.

Akbar had sent 6 peace envoys to convince Maharana Pratap to end the war peacefully, but Maharana Pratap turned down his proposal every time saying that the Ra…

मंदोदरी के पिता का क्या नाम था ? पूर्व जन्म की कथा

मंदोदरी के पिता का क्या नाम था

नमस्कार दोस्तों आज की इस पोस्ट में हम मंदोदरी के पूर्व जन्म की कथा की जानकारी आपको देंगे

 साथ ही मंदोदरी कि कुछ सूक्ष्म जानकारी भी आपको देंगे की मंदोदरी के पिता का क्या नाम था

 तो दोस्तो आज मे हम आपके इन्हीं सवालों के जवाब इस पोस्ट में दूंगा 


मंदोदरी कोन थी :- पुरानी कथाओं के अनुसार बताते है की मंदोदरी एक मेंढकी थी एक समय बात है ! 

सप्तऋषि खीर बना रहे थे उस खीर में एक सर्प गिर गया ये सब मंदोदरी ने देख लिया


 ऋषियों ने नहीं देखा तो मंदोदरी जो कि एक मेंढकी थी वो ऋषियों के देखते देखते उनके खाने से पहले उनकी खीर बना रहे पात्र में गिर गई 


ऋषियों ने ये सब देख लिया तो अब जिस भोजन में अगर मेंढक गिर जाए उसे कोन खाए 


इसलिए उन्होंने उस खीर को फेक दिया जैसे ही उन्होंने खीर को फैका उसमे से मेंढकी के साथ एक सर्प भी निकला 


ऋषियों ने समझ लिया कि इस मेंढकी  ने हमे बचाने के लिए अपने प्राण त्याग दिए उन्होंने मंदोदरी को वापस जीवन दान दिया और एक कन्या का रूप दिया तब से कहा जाता हैं की मंदोदरी सप्तऋषियों की संतान थी


अब मंदोदरी सप्तऋषियों के साथ ही रहने लगी मगर ऋषियों ने  सोचा कि एक कन्य…

रावण शिव धनुष को क्यो नही उठा पाया ! कारण जानिए ! History of Ravan

रावण शिव धनुष को क्यो नही उठा पाया History of Ravan

आप सभी के मन में एक सवाल जरुर आया होगा कि जब अगर रावण भगवान शंकर का बड़ा भक्त था और बलिष्ठ भी था तो फिर वह सीता जी के स्वयंवर में शिव धनुष को क्यो नही उठा पाया ? 
तो आइए इसका कारण जानते है 
इस कहानी के दो पहलू है


पहली कहानी
  जब रावण ने भगवान शंकर की पूजा की भगवान शंकर ने उसकी पूजा पे प्रसन्न होकर उसे वरदान देने की बात कही तब भगवान  से रावण ने उनसे पिनाक धनुष और उसके एक बाण को मांग लिया वो बाण रावण का मोक्ष बाण था


भगवान शंकर ने उसे दे दिया मगर ये कहा कि अगर इस धनुष को तुम यहां से उठाने के बाद कहीं और रख दोगे तो तुमसे हिलेगा भी नहीं रावण ने कहा ठीक है में इसे लंका में ही रखूंगा


मगर जब रावण जनकपुरी के पास आया तो उसे लघु शंका होगई ओर लघु शंका करने के लिए उसने धनुष को वहीं रख दिया वह भूल गया था कि इसे कहीं रखना नहीं है फिर रावण से वो धनुष नहीं उठ पाया


दूसरी कहानी
एक रामायण में चौपाई है " रावण बाण छुवा नहीं चापा "

मतलब रावण ओर बाणासुर ने शिव धनुष को छुआ तक नहीं आप दोनों में से कौनसी मानते है आप पर निर्भर है
की आप इनमें कोनसे तथ्य को मानते …

इंडिया का पहला 5G फोन हो गया लॉन्च देखिए Realme X50 pro 5G

Realme X50 pro 5G lonch in india :- आज  Realme X50 pro के रूप में भारत का पहला 5G smartphone स्मार्टफोन लॉन्च हो गया है
Realme X50 की खासियत देखते हैं क्या क्या है

Realme X50 pro ki price :- Realme X 50 pro की price लगभग 37999 रुपए से शुरू


Realme X50 pro ka camera :- Realme एक्स50 प्रो में फ्रंट में 2 कैमरा  है जो 32 + 8 मेगापिक्सल के है और अगर बात करे  Realme X50 pro ka back camera की तो ईस फोन का बैक में चार कैमरा है जो 64 + 8 + 12 + 2  मेगापिक्सल के है

Realme X50 pro ki battery :- Realme एक्स50 प्रो में  4200 mAh की बैटरी दी गई है

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Realme X50 pro ka Prosesar :- Realme X50 pro में क्वॉलकॉम स्नेपड्रेगन 865 दिया गया है

Realme X50 pro ki Ram :- में 6GB की रैम दी गई है
Realme X50 pro ka Storeg :- Realme X50 pro दो वेरिएंट के है एक 128GB ओर एक 256GB

Realme X50 pro ka charger :- Realme X50 pro में 65 वाट का सुपर फास्ट चार्जिंग स्पॉट है

Realme X50 pro ki display :- Realme X50 pro में 6.44 इंच की डिस्पले है

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डोनाल्ड के भारत पहुंचते ही ये हुआ उनके साथ

डोनाल्ड के भारत पहुंचते ही ये हुआ उनके साथ .


अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत पहुंच चुके है भारत पहुंचते ही भारत के प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने उनका भव्य स्वागत किया एयरपोर्ट पर नरेंद्र मोदी जी खुद उनको रिसीव करने पहुंचे और उनका गले लगाकर सवागत किया




आतंकवाद पर होगी चर्चा : गौरतलब है कि ट्रंप ओर मोदी के बीच पाकिस्तान के आतंकवाद को लेकर चर्चा होगी और आतंकवाद के खिलाफ नए सिरे से काम की शुरुवात होगी




व्यापार बढ़ाने पर होगा जोर : भारत और अमेरिका के व्यापार संबंध भी इस यात्रा से मजबूत होंगे और दोनों ओर के व्यापार को नई ऊंचाइयां मिलेगी

अगस्त्य ऋषि के पिता पत्नी पुत्र का क्या नाम था ! अगस्त्य ऋषि कोन थे

अगस्त्य ऋषि कोन थे : agastya rishi kon the

अगस्त्य ऋषि :-। अगस्त्य ऋषि सप्तऋषियों में गिने जाते है  इनका जन्म काशी में हुआ था


अगस्त्य ऋषि के पिता का नाम क्या था ! Agstya rishi ke pita ka kya name tha अगस्त्य ऋषि के पिता का नाम पुलस्त्य ऋषि था जो कि ब्रम्हा जी के मानस 10 पुत्रो में से थे

अगस्त्य ऋषि की पत्नी का क्या नाम था ( Agstya rishi ki patni ka kya name tha :- अगस्त्य ऋषि की पत्नी का नाम लोपामुद्रा था जो कि विदर्भ देश की राजकुमारी थी

अगस्त्य ऋषि के पुत्र का नाम क्या था :- अगस्त्य ऋषि के पुत्र का नाम दृढ़ च्युत था

अगस्त ऋषि के भाई का क्या नाम था :- अगस्त्य ऋषि के भाई का नाम विश्वश्रवा था जो कि रावण के पिता थे

तो दोस्तो अगर आप सभी को ये जानकारी अच्छी लगी तो इसे शेयर करें और ऐसी ही अच्छी ओर ज्ञान वर्धक पोस्ट पढ़ने के लिए हमारे ब्लॉग को फॉलो करें पोस्ट कैसी लगी कॉमेंट करके जरुर बताए आपका धन्यवाद

पुलस्त्य ऋषि के पिता पत्नी और ससुर का क्या नाम था: पुलस्त्य ऋषि कोन थे :

पुलस्त्य ऋषि कोन थे

पुलस्त्य ऋषि कोन थे ( pulstya rishi kon the) :- पुलस्त्य ऋषि रावण के दादा थे और विश्वशर्वा ओर अगस्त्य ऋषि के पिता

पुलस्त्य ऋषि के पिता का नाम क्या था:- pulstya rishi ke pita ka kya name tha :- पुलस्त्य ऋषि के पिता का नाम ब्रह्मा था बताया जाता हैं की पुलस्त्य ऋषि भगवान ब्रह्मा के दस मानस पुत्रो में से एक थे साथ ही पुलस्त्य ऋषि को सप्तऋषि में भी गिना जाता हैं


बताया जाता हैं की सप्त ऋषियों के कारण से ही पुराण मानव जाती तक पहुंचे थे इन्होंने विष्णू पुराण भगवान ब्रह्मा जी से सुना था और ओर फिर इन्होंने वो विष्णु पुराण  को पाराशर ऋषि को सुनाया था


पुलस्त्य ऋषि का विवाह किसके साथ हुआ अथवा पुलस्त्य ऋषि की पत्नी का क्या नाम था ( pulstya rishi ki patni ka kya name tha):- पुलस्त्य ऋषि की पत्नी का नाम( pulstya rishi ki patni ka name) हिवर्भू था 



पुलस्त्य ऋषि के ससुर का क्या नाम था ( pulstya rishi ke sasur ka kya name tha :- पुलस्त्य ऋषि के ससुर का नाम कर्दम ऋषि था 


रावण के दादा दादी नाना नानी माता पिता का क्या नाम था ! सम्पूर्ण जानकारी

Ravan ke dada dadi nana nani mata pita ka kya name tha 
दोस्तो आज के पोस्ट में हम रावण के दादा दादी नाना नानी माता पिता का नाम जानेंगे

Ravan kon tha tha :- दोस्तो हम सभी के मन में ये प्रश्न जरुर उठता है कि रावन कोन था वैसे तो सभी जानते है पर जो छोटे भाई नहीं जानते तो हम आपको बता दे की रावण एक ऐसा विद्वान पंडित था जो कि चार वेद 6 शास्त्र और 18 पुराण का ज्ञाता था उसके जैसा पंडित ना पहले कभी हुआ था और ना होगा ऐसा विद्वान् लोग बताते है


Ravan ke dada ka kya naam tha :- दोस्तो अब जानते है की रावण के दादा का क्या नाम था तो आपको बता दें की रावण के दादा का नाम पुलस्त मुनि था


Ravan kiska putra tha :- अब हम जानते है की रावण किसका पुत्र था अथवा रावण के पिता का क्या नाम था ( ravan ke pita ka kya naam tha ) तो आपको बता दें कि रावण के बाप का नाम विश्वश्रर्वा था


Ravan ki dadi ka name kya tha :- अब हम जानते है कि रावण की दादी का क्या नाम था तो आपको बता दें कि रावण की दादी का नाम हविर्भुवा था


Ravan ki mata ka kya name tha :- अब हम जानते है कि रावण की माता का क्या नाम था तो दोस्तो आपको बता दे कि रावण की मात…

Subh mangal zyada saavdhan full movie Reviwe 4th day collection

Subh mangal zyada saavdhan full movie Reviwe 4th day collectionSubh mangal zyada saavdhan full movie 1st day collection :-
हैलो दोस्तो आज हम बात करेंगे शुभ मंगल ज्यादा सावधान हिंदी मूवी की मूवी ने ओपनिंग डे में कितनी कमाई करी है
तो दोस्तो आपको बता दे की शुभ मंगल ज्यादा सावधान मूवी ने पहले दिन 9.55 करोड़ का कलेक्शन किया है


Shubh mangal zyada shavadhan 2nd day collection :- दोस्तो शुभ मंगल ज्यादा सावधान मूवी का दूसरे दिन का कलेक्शन भी जबरदस्त रहा है shubh mangal zyada saavdhan movie ने दूसरे दिन 10 करोड़ का कलेक्शन किया है


Shubh mangal zyada saavdhan movie 3rd day collection :- शुभ मंगल ज्यादा सावधान मूवी की  तीसरे दिन भी दर्शकों का मिला जुला रिस्पॉन्स मिल रहा है ये अपने तीसरे दिन लगभग 8 करोड़ का कलेक्शन करती हुई नजर आ रही है


Shubh mangal zyada saavdhan movie 4th day collection :- शुभ मंगल ज्यादा सावधान मूवी अपने 4 थे दिन भी अच्छा खासा प्रभावित करेगी दर्शकों को
आपको बता दे कि shubh mangal zyada shavdhan movie में लीड रोल में आयुष्मान खुराना है
ओर दोस्तो खबरे ये भी आ रही हैं कि tamilrockar…

Full History of jaisalmer fort in English : Full story The fort of Sonar

Full history of  fort of Sonar Full history of jaisalmer fort  The Fort of Sonar :-  The foundation stone of the fort of Sonar in Jaisalmer was laid by Maharawal Jaishal. It is said that Maharawal Dusaji, the Yaduvanshi ruler of Lodwa, made his junior son Vijayaraja II his successor instead of making his eldest son Jaishaal his successor. Due to this, Jaisal, the king of Nagarathatte, went to Shahabuddin Ghori. After Vijayaraja's death, his son Bhojdev became the ruler of Lodrava who was attacked and killed by Jaisal.

Who built the fort of Jaisalmer :- Maharaval Jaishal laid the foundation of a fort which is known as Jaisalmer, near Lodrava in the year 1155. At the time of Jaishal, the main gate of the fort was made a few parts and the rest was constructed by his officers. Jaisal's son Shalivahana I in the construction of the fort.

How is the fort of jaisalmer  :-  This fort with golden aura is built on a triangular hill called Trikutachal, which has a maximum length of 1500…

India's most haunted place Bhangarh fort full story in english

India's most haunted place Where is Bhangarh Fort:Bhangarh is near Dausa railway station in Alwar district of Rajasthan. And Dausa comes on the Jaipur-Delhi route, so you will get many trains easily. Dausa is just 50 km from Jaipur. After descending to Dausa, we went just 200-300 meters from the station, which is called Santhal Mor, from here a jeep for 25 rupees leaves you in a village called "Gola ka bass", from there you can walk or ride to the fort. Can reach 1.5Km, walking is more fun.

How is the structure of Bhangarh Fort:The structure of the fort is quite good and points to an old glorious past. You will see many deserted houses before entering. And the wall at the entrance which is still surrounded on all sides. On entering the fort, it will be clearly written on the right side, it is strictly prohibited to stop after sunset. Walking a little further, you will find a market in this small village called Bangdi Bazaar.


Its texture is quite good accordin…