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चेतावनी भजन लिरिक्स, कोई बोले जारी खबर करो, काया रूपी भजन लिरिक्स,

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Bhajan lyrics
चेतावनी भजन लिरिक्स
कायारूपी भजन लिरिक्स
पुराने भजन लिरिक्स
 काई तो आवे र काई जाय लिरिक्स
बोले जारी खबर करो लिरिक्स
Bole ja ri khabar kro lyrics 

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चेतावनी भजन लिरिक्स, कायारूपी भजन लिरिक्स


भजन


संतो काई तो आवे रेे काई जाय
  कोई बोल जारी खबर करो


निज मन्दिर चोरी भई रे चुरा गई  एक लार
ना जाने कोण ले गयो र फूटी नहीं र दीवार
कोई बोले जा री खबर करो


संतो काई तो आवे रेे काई जाय
  कोई बोल जारी खबर करो



हस्थी खुल गए थान से जी जग में पड़ी पुकारदस दरवाजा बंद पड़या है निकाल गया असवारकोई बोले जारी खबर करो



संतो काई तो आवे रेे काई जाय
  कोई बोल जारी खबर करो



पानी का एक बन्या बुदबदा धराया आदमी नाम
आया था हरि भजन करन को आय बसा लिया गाव
कोई बोले जारी खबर करो



संतो काई तो आवे रेे काई जाय
  कोई बोल जारी खबर करो


कहत कबीर सुनो भाई साधो ये पद है निर्वाण
या पदा री कर खोजना वो नर चतुर सुजान
कोई बोले जारी खबर करो


संतो काई तो आवे रेे काई जाय
  कोई बोल जारी खबर करो


नमस्कार दोस्तों हमारे ब्लॉग पर आप सभी का स्वागत है में इस ब्लॉग पर Purani katha और Bhajan lyrics और Song lyrics / के पोस्ट लाता रहता हूं तो आप हमसे जुड़े रहे और हमारे ब्लॉग को फॉलो करें अगर ये कायारुपी भजन लिरिक्स/ kayarupi bhajan lyrics  जिसमें मैंने काई तो आवे र काई जाय लिरिक्स /बोले जारी खबर करो लिरिक्स / bole ja ri khabar kro lyrics की पोस्ट डाली है अगर ये आपको अच्छी लगी हो तो इसे लाईक और शेयर जरुर करे
वैसे मेरी तरफ से आपको Happy Republic Day 2020  In Advance आपको और आपकी परिवार को गणतंत्र दिवस 2020 की हार्दिक शुभकामनाएं
I wish you very Happy Republic Day 2020


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मंदोदरी कोन थी :- पुरानी कथाओं के अनुसार बताते है की मंदोदरी एक मेंढकी थी एक समय बात है ! 

सप्तऋषि खीर बना रहे थे उस खीर में एक सर्प गिर गया ये सब मंदोदरी ने देख लिया


 ऋषियों ने नहीं देखा तो मंदोदरी जो कि एक मेंढकी थी वो ऋषियों के देखते देखते उनके खाने से पहले उनकी खीर बना रहे पात्र में गिर गई 


ऋषियों ने ये सब देख लिया तो अब जिस भोजन में अगर मेंढक गिर जाए उसे कोन खाए 


इसलिए उन्होंने उस खीर को फेक दिया जैसे ही उन्होंने खीर को फैका उसमे से मेंढकी के साथ एक सर्प भी निकला 


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