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राम भक्त शबरी के माता पिता का क्या नाम था

सबरी के माता का नाम क्या था
सबरी के पिता का नाम क्या था
भीलनी के माता का नाम क्या था
भीलनी के पिता का नाम क्या था
भीलनी कोन थी
भीलनी का पिछला जन्म कोन सा था


   

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सबरी के पिता का नाम क्या था
भीलनी के माता का नाम क्या था
भीलनी के पिता का नाम क्या था
भीलनी कोन थी
भीलनी का पिछला जन्म कोन सा था



नमस्कार दोस्तों आज के इस ब्लॉग में हम बात करेंगे की भीलनी कोन थी और भीलनी के माता पिता का क्या नाम था तथा भगवान श्री राम ने भीलनी के हाथ से झूठे बेर क्यो खाए

तो दोस्तों चलिए शुरू करते है





भीलनी कोन थी:-

         भीलनी एक भील जनजाति में जन्मी  उसका नाम सबरी था वह बकरियां चराती थी जब वह उंसने देखा कि उनके माता पिता और परिवार के अन्य लोग जब जानवरो को पकड़ पकड़ के एकत्र कर रहे है तो भीलनी ने पूछा कि पिताजी आप इन जानवरो का क्या करेंगे उसने जवाब दिया कि बेेेटी इन जानवरों से तुम्हारी शादी में आए हुए बारातियों को भोजन खिलाएंगे ये सुनकर भीलनी की बहुत दुख हुआ उसने आदि रात के समय सभि जानवरो को आजाद कर दिया और खुद भी घर से भाग गई और भगवान के भजन करने लगी और उनकी भक्ति में लीन हो गई


भगवान श्री राम से भीलनी की भेट:-
  वानवाश काल के दौरान जब भगवान श्री राम जब पंचवटी में कुछ दिनों के लिए विश्राम कर रहे थे तभी वहां से माता सीता का हरण हो जाने के पश्चात भगवान माता का पता लगाने के लिए इधर उधर भटक रहे थे तभी वहां सवरी माता अर्थात भीलनी माता से उनकी भेट होती हैं भीलनी उनकी खूब सेवा करती हैं वो उनको बेर खिलाती है भगवान उसके झूठे बेर भी बड़े प्रेम से खाते है


संजीवन बूटी किस चीज की बनी थी:-
 पौराणिक कथाओं के अनुसार जब भीलनी भगवान श्री राम को बेर खिला रही थी तो उन्होंने अनुज लक्ष्मण को भी बेर खाने के लिए दिया मगर लक्ष्मण ने वो बेर नहीं खाए और उन बरो को फेक दिया ये सब भगवान श्री राम ने देख लिया भगवान श्री राम उनकी बातो से करोधित होकर उनको श्राप दिया कि लक्ष्मण ये बेर एक रोज़ तुम्हे खाने पड़ेंगे और यही बेर तुम्हारे जीवन की रक्षा करेंगे
फिर वही फेंके हुए बेर द्रोणागिरी पर्वत पर पड़े और उनसे ही संजीवन बूटी बनी इसके लिए किसी लेखक ये एक कविता भी बनाई है जो नीचे है

कविता:-
 लक्ष्मण आज्ञा पाकर राम की
बेर ले लिया एक
नजर बचाकर राम की
पीछे की दिया फेक

ये कथा आगे आयेगी

वो द्रोणागिरी पर जा पड़ा
जब सक्ती लगी थी लक्ष्मण के
संजीवन बूटी नाम पड़ा

भीलनी के माता पिता का नाम :-
                                             दोस्तो भीलनी के माता पिता का नाम का कहीं भी वर्णन नहीं मिलता

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 तो दोस्तो आज मे हम आपके इन्हीं सवालों के जवाब इस पोस्ट में दूंगा 


मंदोदरी कोन थी :- पुरानी कथाओं के अनुसार बताते है की मंदोदरी एक मेंढकी थी एक समय बात है ! 

सप्तऋषि खीर बना रहे थे उस खीर में एक सर्प गिर गया ये सब मंदोदरी ने देख लिया


 ऋषियों ने नहीं देखा तो मंदोदरी जो कि एक मेंढकी थी वो ऋषियों के देखते देखते उनके खाने से पहले उनकी खीर बना रहे पात्र में गिर गई 


ऋषियों ने ये सब देख लिया तो अब जिस भोजन में अगर मेंढक गिर जाए उसे कोन खाए 


इसलिए उन्होंने उस खीर को फेक दिया जैसे ही उन्होंने खीर को फैका उसमे से मेंढकी के साथ एक सर्प भी निकला 


ऋषियों ने समझ लिया कि इस मेंढकी  ने हमे बचाने के लिए अपने प्राण त्याग दिए उन्होंने मंदोदरी को वापस जीवन दान दिया और एक कन्या का रूप दिया तब से कहा जाता हैं की मंदोदरी सप्तऋषियों की संतान थी


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दोस्तो युधिष्ठर की धर्मराज उपाधि की कहानी को समझने से पहले हमें यमराज की छोटी सी कहानी को समझना जरूरी है पर आप घबराइए नहीं ये कहानी बिल्कुल सूक्ष्म होगी तो चलिए शुरू करते है


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