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सदमे की वजह से सुशांत सिंह राजपूत की भाभी की मौत !

मुंबई. सुशांत सिंह राजपूत के परिजन अभी उनकी मौत से उबर भी नहीं पाए थे। अब उनके पर गम का एक और पहाड़ टूट गया है। सुशांत सिंह राजपूत की भाभी सुधा देवी का निधन हो गया है। उनकी भाभी का निधन तब हुआ जब सुशांत का मुंबई में अंतिम संस्कार हो रहा था 

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक सुधा देवी सुशांत के कजिन भाई की वाइफ थीं। वह बिहार के पूर्णिया जिले के मलडीहा जिले में रहती थीं। रिपोर्ट के मुताबिक देवर के जाने का गम वह सह न सकी और सदमे में उनकी जान चली गई 

रिपोर्ट्स के मुताबिक सुशांत की भाभी ने उनके निधन के बाद से ही खाना-पीना छोड़ दिया था। आपको बता दें कि सुशांत की मौत के बाद उनके पिता गहरे सदमे में चले गए थे। आज पिता ने ही उनके पार्थिव शरीर को मुखाग्नि दी थी। 

काफी वक्त से चल थीं बीमार 

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक सुधा देवी पिछले काफी वक्त से बीमार चल रही थीं। देवर की मौत की खबर सुनकर उनकी हालत ज्यादा बिगड़ गई। वह बार-बार बेहोश हो रही थी होश में आते ही वो सुशांत के बारे में ही पूछती। 

रिपोर्ट के मुताबिक घर पर मौजूद भीड़ को देखते ही सुधा एक बार फिर से बेहोश हो जाती। अखबार से बातचीत में…
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सुशांत सिंह राजपूत की ये बात आई सामने !

सुशांत सिंह राजपूत बॉलिवुड इंडस्ट्री के पहले ऐसे ऐक्टर थे, जिन्होंने चांद पर जमीन खरीदी थी। बता दें कि सुशांत सिंह राजपूत से पहले शाहरुख खान को उनके एक फैन ने चांद पर जमीन गिफ्ट की थी। 

सुशांत सिंह राजपूत के पास था अडवांस टेलिस्कोप 

सुशांत सिंह राजपूत ने चांद पर जमीन खरीदी थी। जिस क्षेत्र में उन्होंने जमीन खरीदी थी उसे 'मारे मस्कोवीन्स' कहते हैं। उनके पास पहले से ही एक अडवांस टेलिस्कोप मीड 14, LX00 था। उन्होंने टेलिस्कोप अपनी दूर की इस प्रॉपर्टी पर नजर रखने के लिए लिया था। 

सुशांत सिंह राजपूत ने 2018 में ये प्रॉपर्टी कराई थी अपने नाम

सुशांत सिंह राजपूत ने ये जमीन इंटरनेशनल लूनर लैंड्स रजिस्ट्री से खरीदी थी। उन्होंने 25 जून, 2018 को ये प्रॉपर्टी अपने नाम करवाई थी। 

सुशांत सिंह राजपूत की ये बात आई थी सामने 

हालांकि इसमें भी कई अंतर्राष्ट्रीय संधि हैं, जिनके मुताबिक इसे कानूनी तौर पर मालिकाना हक नहीं माना जा सकता, क्योंकि पृथ्वी से बाहर की दुनिया पूरी मानव जाति की धरोहर है और इस पर किसी एक देश का कब्जा नहीं हो सकता 

सुशांत सिंह राजपूत घर बैठे देखते थे ग्रह और गैलेक्सीज

सुशांत सिंह राजपूत

दुखद : एक्टर सुशांत सिंह राजपूत ने कि आत्महत्या !

बॉलीवुड के मशहूर एक्टर सुशांत सिंह राजपूत ने की आत्महत्या, घर में लगाई फांसी 



सुशांत सिंह राजपूत ने पूर्व भारतीय क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी की बायोपिक में धोनी का किरदार निभाया था. कुछ दिन पहले ही सुशांत की पूर्व मैनेजर रहीं दिशा सालियान ने मुंबई के मालाड में इमारत की 14वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली थी. 




सुशांत सिंह राजपूत के शव को थोड़ी देर बाद पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल ले जाया जाएगा. उनके घर के बाहर बड़ी संख्या में लोग मौजूद हैं. पुलिस ने बताया है कि सुशांत पिछले कई महीनों से डिप्रेशन में चल रहे थे. सुसाइड की वजह अभी तक साफ नहीं हो पाई है 




बताया जा रहा है कि सुशांत सिंह राजपूत के घर उनके कुछ दोस्त भी मौजूद थे. रात में वह अपने कमरे में सोने के लिए गए. लेकिन जब सुबह उन्होंने कमरे का दरवाजा नहीं खोला और कुछ जवाब नहीं दिया तो उनके कमरे का दरवाजा तोड़ा गया और वह फांसी के फंदे पर लटके हुए मिले.

सुशांत सिंह की जीवनी

सुशांत सिंह राजपूत के जीवन से जुड़े 15 रोचक तथ्य | Sushant singh rajput

सुशांत सिंह राजपूत ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली हालाकि किन कारणों से की वो अभी पता नहीं चला है  आइए जानते है सुशांत सिंह राजपूत के जीवन से जुड़े रोचक तथ्य !

सुशांत सिंह राजपूत जीवनी

सुशांत सिंह राजपूत हिन्दी फिल्मों में अभिनेता होने के साथ थियेटर और टीवी अभिनेता भी हैं। टीवी सीरीयल 'पवित्र रिश्ता' में काम कर चुके राजपूत को इस सीरीयल की बदौलत काफी लोकप्रियता मिली थी। 



सुशांत सिंह राजपूत का जन्म
सुशांत सिंह राजपूत का जन्म पटना, बिहार में हुआ है। उनके पिता सरकारी अधिकारी हैं। उनका परिवार सन् 2000 के शुरूआती समय में दिल्ली में बस गया। सुशांत की 4 बहनें भी हैं जिसमें से एक मीतू सिंह राज्य स्तर की क्रिकेट खिलाड़ी हैं। 


सुशांत सिंह राजपूत की पढ़ाई
राजपूत की शुरूआती पढ़ाई सेंट कैरेंस हाई स्कूल, पटना से हुई है और इसके आगे की पढ़ाई दिल्ली के कुलाची हंसराज माॅडल स्कूल से हुई है। इसके बाद दिल्ली काॅलेज आॅफ इंजीनियरिंग से उन्होंने मैकेनिल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की। 



सुशांत सिंह का फिल्म कैरियर
सुशांत के करियर की शुरूआत बैकअप डांसर के रूप में हुई थी और उन्होंने फिल्मफेयर अवार्डस मे…

कर्म का फल हिंदी कहानी ! Hindi kahani story

कर्म का फल हिंदी कहानी
अचानक अस्पताल में एक एक्सीडेंट का केस आया ।
अस्पताल के मालिक डॉक्टर ने तत्काल खुद जाकर आईसीयू में केस की जांच की। 


अपने स्टाफ को कहा कि इस व्यक्ति को किसी प्रकार की कमी या तकलीफ ना हो।उसके इलाज की सारी व्यवस्था की।
रुपए लेने से भी या मांगने से भी मना किया।

15 दिन तक मरीज  अस्पताल में रहा। 
जब बिल्कुल ठीक हो गया और उसको डिस्चार्ज करने का दिन है, तो उस मरीज का बिल अस्पताल के मालिक और डॉक्टर की टेबल पर आया।


डॉक्टर ने अपने अकाउंट  मैनेजर को बुला करके कहा 
इस व्यक्ति से एक पैसा भी नहीं लेना है।
अकाउंट मैनेजर ने कहा कि डॉक्टर साहब तीन लाख का बिल है नहीं लेंगे तो कैसे काम चलेगा। 


डॉक्टर ने कहा कि दस लाख का भी क्यों न हो। एक पैसा भी नहीं लेना है। ऐसा करो तुम उस मरीज को लेकर मेरे चेंबर में आओ, और तुम भी साथ में जरूर आना। 

मरीज को व्हीलचेयर पर चेंबर में लाया गया।
साथ में मैनेजर भी था।

डॉक्टर ने मरीज से पूछा 
प्रवीण भाई! मुझे पहचानते हो!

मरीज ने कहा : लगता तो है कि मैंने आपको कहीं देखा है। 

डॉक्टर ने याद दिलाया।
एक परिवार पिकनिक पर गया था। लौटते समय कार बंद हो गयी और अचानक कार में से धुआं …

सोनू सूद की जीवनी ! Sonu Sood Biography In Hindi

नमस्कार कॉरोना महामारी के इस महाकाल में एक नाम बड़ा चर्चा में है वो है सोनू सूद 
सोनू सूद ने 20000 से अधिक मजदूरों को उनके घर पहुंचकर  बड़ा ही नेक ओर दिल जितने वाला काम किया है 
तो आज हम सोनू सुद के जीवन से जुड़ी कुछ खास बातें आपको बताने जा रहे है 

सोनू सूद की जीवनी 

सोनू सूद का जन्म
सोनू सूद का जन्‍म पंजाब के लुधियाना में हुआ था। उनके पिता एक व्यापारी है ओर सोनू सूद की मां शिक्षक है । उनका बैकग्राउंड फिल्‍मों से नहीं रहा है इसके बावजूद उन्‍होंने फिल्‍मों को ही अपना करियर बनाया और इसमें वे सफल भी हुए। सोनू सूद की दो बहनें भी हैं। 

सोनू सुद की पढ़ाई
सोनू सूद ने ycce नागपुर से इलेक्‍ट्रानिक्‍स में इं‍जीनियरिंग है। 

सोनू सूद की शादी
सोनू सूद ने सोनाली से शादी की है सोनू सूद के एक लड़का है और उसका नाम इशांत है।



सोनू सूद का फिल्मी करियर
सोनू ने हिंदी सिनेमा में अपने करियर की शुरूआत हिंदी फिल्‍म 'शहीदे-ए-आजम' से की थी जिसमें सोनू सूद ने भगत सिंह का किरदार निभाया था। 




सोनू सूद की फिल्‍में-
शहीदे-ए-आजम, युवा, चंद्रमुखी, आशिक बनाया आपने, जोधा अकबर, सिंह इज किंग, एक विवाह ऐसा भी, अरूंधति, दबंग, बुड्…

जन आधार कार्ड की पूरी जानकारी ! Jan aadhar card

Jan Aadhar card क्या है
जन-आधार योजना की परिकल्पना और घोषणा बजट 2019-20 में राजस्थान के माननीय मुख्यमंत्री द्वारा राज्य के निवासियों के लिए “एक नंबर, एक कार्ड, एक पहचान” के उद्देश्य से की गई थी।


राजस्थान, देश का सबसे बड़ा भौगोलिक राज्य होने के नाते, दूर दराज के क्षेत्रों में रहने वाले निवासियों को सरकारी सेवाएं प्रदान करने में अपनी विशिष्ट चुनौतियाँ हैं।

इसलिए फिजिकल डिलीवरी के झंझटों को दूर करने के लिए सर्विस डिलीवरी के एक मजबूत इलेक्ट्रॉनिक मोड की जरूरत थी ताकि पारदर्शी और रिसाव प्रूफ तरीके से निवासियों के लिए जन-कल्याण के लाभों को डोर-स्टेप पर पहुंचाया जा सके

जन आधार कार्ड के फायदे
जन-आधार योजना इस उद्देश्य को पूरा करती है और सरकार के कई चैनलों को एक-कार्ड, एकल-संख्या, एकल-पहचान दर्शन के साथ राज्य के पूरे सेवा वितरण पारिस्थितिकी तंत्र को एकीकृत करती है ताकि निवासियों तक केवल एक ही पहुंच सके।


जन-आधार संख्या का लक्ष्य एक परिवार का एकल पहचानकर्ता होना और एक व्यक्ति भी है। यह एकमात्र वाहन है जिस पर सभी प्रकार की नकदी के साथ-साथ गैर-नकद लाभ और सेवाओं की सवारी होती है और ई-मित्रा कियोस्क के एक…